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Paul Dhinakaran

तेरी इच्छा पूरी हो!

Dr. Paul Dhinakaran
18 Apr
इस संसार में यीशु न केवल हमें रोटी देने आया बल्कि वह हमारे लिए रोटी बनकर आया। उसने कहा, ‘‘जीवन की रोटी मैं हूं।’’(यूहन्ना 6:35) उसने कहना जारी रखा, जो कोई मेरे पास आएगा कभी भूखा न होगा और जो मुझ पर विश्वास करेगा वह कभी प्यासा न होगा। उस ने हमारे लिए एक विरासत रख छोडी है जो केवल उस पर भरोसा रखने से मिलती है और जिसके द्वारा हम अनन्त जीवन पाते हैं। उस पर विश्वास करने का मतलब यह है कि इस पृथ्वी पर उसने अपने दिव्य बलिदान और अपने विजयी पुनरुत्थान पर विश्वास करने के लिए जो कुछ मानव जाति को सिखाया वही उस पर विश्वास करना है । उस ने क्रूस पर हमारे सभी पाप, बीमारी और अधर्म को कीलों से ठोंक दिया और हमारा पूरा दाम चुकाया है। उस ने हमारे पापों के बदले में खुद को सेंतमेंत दे दिया। हमारा प्रभु कितना अद्भुत है। इससे बडा प्रेम किसी का नहीं कि कोई अपने मित्रों के लिए अपना प्राण दे। (यूहन्ना 15:13) यद्यपि हम पापी थे यीशु ने हमें अपना मित्र कहा। 

गतसमनी में, यीशु की पीडा शिखर पर थी। इस संसार में कोई भी ऐसा नहीं था जो उसकी पीडा को समझ सकता। यद्यपि वह एक परमेश्वर था और पूर्ण मनुष्य भी जब वह इस पृथ्वी पर था। वह जान गया था कि उसके साथ क्या होने वाला है। उसका मन बोझ के साथ भरपूर था। उस समय भी वह हमें प्रकाशित करने के लिए दृढ था कि हम कैसे परमेश्वर की संतानें ठहरेंगे। वह हमें लगातार यह प्रगट करने लगा कि परमेश्वर कौन है और उसके नजदीक कैसे जाएं। हम यीशु को परमेश्वर की इच्छा को समर्पित होते देखते हैं। जब उसकी भरपूरी का दिन आया तो उसने यह भी प्रार्थना की कि वह कटोरा उससे हटा दिया जाए। उस ने कहा, हे पिता, यदि तू चाहे तो इस कटोरे को मेरे पास से हटा ले, तौभी मेरी नहीं परन्तु तेरी ही इच्छा पूरी हो। (लूका 22:42) परन्तु उस के प्रार्थन अकरने के बाद एक स्वर्गदूत आया और उसे बलवंत किया। अंत में मानवजाति के उद्धार की भविष्यद्वाणी पूरी हुई। 
मेरे प्रिय मित्र, क्या आपकी यह दशा है? क्या आप विलाप कर रहे हैं कि यद्यपि मैं ने खुद को परमेश्वर की इच्छा में सौंप दिया है तो मेरे साथ ये क्या हो रहा है? क्या आप यह सोचकर भ‘म में है कि क्या मैं परमेश्वर की इच्छा में हूं? निराशा और जलजलाहट का कटोरे से आप यह कहकर इस हद तक व्याकुल हो रहें हैं, बस प्रभु, इससे अधिक मुझ से सहा नहीं जाता। ऐसे समयों में इस तरह की प्रार्थना करें, हे पिता, तेरी इच्छा पूरी हो। तब आप स्वर्ग से एक विशेष बल और प्रकाशन को पाएंगे। आप उकाब की तरह उडेंगे और ऊंचा उडेंगे। उस की इच्छा आपके जीवन में सम्पूर्णता से पूरी होगी। जैसे कि यीशु मृतकों में से पुनरुत्थित हुआ था, वह आपको भी एक नए व्यक्ति के रूप में पुनरूत्थित करेगा और आप ईश्वरीय गुणों के साथ फिर से जन्म लेंगे। आपकी सभी चिंताओं का अंत होगा। आपकी वेदना का कटोरा आनन्द के कटोरे में बदल जाएगा। इसलिए हियाव बांधे। 
Prayer:
प्रेमी पिता, क्रूस पर यीशु कार्य के द्वारा मैं ने सम्पूर्णता से आशीष पाई है। हे पिता, मैं अपने निराशा, चिंता और जलजलाहट का कटोरा आपके पास लाता/लाती हूं। अब भी इसी वक्त आपके स्वर्गदूत मेरी सेवा करने के लिए भेजें और मुझे दिव्य बल के साथ भरें। आपकी इच्छा पूरी हो। यीशु के नाम में आमीन!
 

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