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Stella dhinakaran

परमेश्वर के मार्ग न्यायी और सत्य हैं!

Sis. Stella Dhinakaran
13 Apr
हमारे ईश्वरों के परमेश्वर जिसने धार्मिकता की झिलम पहन रखी और सत्य जी डोरी बांध रखी है। धर्म के मार्गों में वह अपने नाम के निमित्त मेरी अगुवाई करता है। (भजन संहिता 23:3) जब नम्र और सताए हुए लोग इस पृथ्वी पर उसकी ओर देखते और उस पर भरोसा रखते हैं।वह उनको न्याय देने में काफी है। परमेश्वर न्यायी है(भजन संहिता 7:11) परमेश्वर का दाहिना हाथ धार्मिकता से भरा हुआ है, वह दुष्ट लोगों के दुष्ट कार्यों से बचाएगा और सभी विरोधियों से रक्षा करेगा। इसलिए आओ किसी मनुष्य से डर कर यह न कहें कि उसके पास धन की सामर्थ है। शारीरिक सामर्थ और समाज में ऊंचा स्तर है। हमारा परमेश्वर पृथ्वी की सभी सामर्थों से अधिक सामर्थी है। आइए हम विश्वास करें कि वह सभी कार्यों में हमारे लिए सत्य और न्याय से काम करेगा। आइए हम उसकी ओर देखें और अपनी सारी चिंताओं को उसके सामने रख दें(भजन संहिता 35:24)

एक समय की बात है एक गरीब विधवा स्त्री थी। उसके पास भूमि का एक छोटा सा टुकडा था। यह भूमि ही उसके जीवन यापन का स्रोत थी। उसी गांव में एक अमीर व्यक्ति भी रहता था। वह अमीर व्यक्ति उस विधवा की छोटी सी भूमि को हडपना चाहता था। इस प्रकार उस ने योजनाएं बनाई कि वह किस प्रकार उस भूमि को छीनी जाए क्योंकि उसकी सहायता करने के लिए कोई भी न था। इस गरीब विधवा को पता नहीं था कि वह क्या करे। कोई भी आगे बढकर उसकी सहाता करने को नहीं आया क्योंक़ि वे सभी उस अमीर व्यक्ति से डरते थे कि वह उन्हें काम पर से निकाल देगा। जब परिस्थितियां बिगड गई और वहां पर कोई भी नहीं था जो उस गरीब विधवा की सहायता करे। उस विधवा ने परमेश्वर के सम्मुख अपना हृदय उण्डेल दिया। आंसू उसकी आंखों से छलकने लगे, उस ने आज्ञाकारिता के साथ प्रार्थना की। अब एक दूसरा गरीब व्यक्ति गांव के कुछ अच्छे लोगों के साथ आगे आया और उसकी सहायता करके उसकी भूमि उसे वापस दिला दी। जी हां, जब हम परमेश्वर पर निर्भर होते हैं वह हमें सत्य और न्याय के मार्गों में लिए चलता है और हमारे दुखों और मुसीबतों से हमारी सहायता करने के हेतु किसी न किसी को भेजता है। 
प्रियों, आप ने भय और संघर्ष के कारण कई बार न्याय हेतु इस प्रकार की परिस्थितियों का सामना किया होगा। परमेश्वर जिसने अद्भुत रीति से इस विधवा की सहायता की, वह आपको भी खतरों और बुराइयों से बचा लेगा। वह निश्चय ही आपको सच्चाई के मार्गों पर चलाएगा और न्याय दिलाएगा। इसलिए यह चिंता करते हुए मत सोचिए, कौन है जो मेरी सहायता करेगा? क्या सब कुछ मैं खो दूंगा? मेरा क्या होगा? तुरंत पूरी रीति से परमेश्वर पर निर्भर हो जाएं और वह आपकी सहायता करेगा। (यशायाह 41:10)
Prayer:
प्रेमी परमेश्वर, आप मेरे जीवन में बहुतायत से अधिक हैं। मैं किसी बुरे या दुष्ट मनुष्य के विचारों से नहीं डरता। मैं भी आपके न्यायी और सत्य के मार्ग पर चलना चाहता हूं। मैं सभी चीजों के लिए केवल आप पर निर्भर हूं। आज से लेकर आगे तक आप मुझे अपने न्यायी मार्गों पर ले चलें, मुझे बुराई से बचाएं और आशीष दें। हमारे प्रभु यीशु के मधुर नाम में,मैं प्रार्थना करता/करती हूं,

आमीन!
 

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