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Stella dhinakaran

आप पर प्रभु की कृपादृष्टि!

Sis. Stella Dhinakaran
15 Jan
हम सभी चाहते हैं कि हम परमेश्वर की केन्द्र परिवार के रूप में हर समय उसकी उपस्थिति और शांति से भरे रहें। परन्तु परिवार के एक सदस्य के अधर्म के मार्गों के कारण परेशानी आती है तो हमारी नींव में ज्वालामुखी फूट पडती है। चिंता मत करें। आपके और आपके परिवार के सदस्यों के लिए आपकी परवाह और चिंता से अधिक प्रभु यीशु ने हर व्यक्ति के लिए अपना अनमोल लहू बहाया है कि वह अपने प्रेम के तागों से उसकी ओर खींचे चलें। वे परमेश्वर के प्रेम और आपकी प्रार्थनाओं से बच नहीं सकते। प्रेरित 16:31 कहता है, ‘‘प्रभु यीशु पर विश्वास कर तो तू और तेरा घराना उद्धार पाएगा।’’ यह निश्चिंत है कि उद्धार की आग आप के पूरे परिवार में फैलेगी। 

एक जवान लडकी एक लापरवाही का जीवन व्यतीत कर रही थी। वह अपने मन की बात सुना करती थी और संसार की अभिलाषाओं में सुख पाती थी। वह अपने परिवार के सदस्यों,पासवानों और परमेश्वर के सेवकों की परामर्श और सलाह पर कान नहीं लगाती थी। जैसे ही दिन बीतते गए वह पाप की सीढियों पर ऊपर चढने लगी और एक पापमय जीवन बिताने लगी। इस लडकी को जो पाप के समुद्र में तैरती थी उसे एक आत्मिक सभा में जाने का एक अवसर मिला। प्रारम्भ में उसे वहां पर बहुत अजीब लगा। परन्तु थोडी देर में परमेश्वर के वचन ने उससे बात की और वह उत्तेजित हो गई। हां, परमेश्वर का वचन जीवित और सामर्थी है। (इब्रानियों 4:12) उसने जितने अधिक वचन सुने उतनी ही वह अधिक उत्तेजित हो गई। उसकी चेहरे पर आंसुओं की धाराएं बहने लगी और उसने रोना शुरु कर दिया। यही तो परमेश्वर का अनुग्रह है। जहां पर पाप अधिक हो तो वहां पर परमेश्वर का अनुग्रह अधिक होता है। (रोमियों 5:20) यह वचन उसके जीवन में सच हो गया। उसने अपनी पिछले जीवन को छोड दिया और वह परमेश्वर की महिमामयी उपस्थिति में बनी रहने लगी। उस ने परमेश्वर के हाथ से नया जीवन,नया मन, शरीर और आत्मा को पाया।
प्रियजन, परमेश्वर के स्थिर और अतुलनीय प्रेम पर गौर करें जो हर एक व्यक्ति के पीछे दौडता है और विश्वास में बना रहता है। आपके प्रियजन पाप या बुरी आदतों में खो नहीं जाएंगे। परमेश्वर की ज्योति उनके अंधकार पर जयवंत होगी। आप केवल यह कहें, ‘‘हे यहोवा अपनी प्रजा पर की प्रसन्नता के अनुसार मुझे स्मरण कर, मेरे उद्धार के लिए मेरी सुधि ले।’’(भजन संहिता 106:4) आप शीघ्र ही जय पाएंगे क्योंकि बाइबल कहती है, परन्तु सब बातों में हम उसके द्वारा जिसने हम से प्रेम किया है, जयवंत से बढकर हैं। (रोमियों 8:37) आप का निवासस्थान शांति और आनन्द का एक स्थान बन जाएगा। 
Prayer:
प्रिय पिता, यीशु को हमारा उद्धार करने को भेजने के लिए आपको धन्यवाद। इस महान उद्धार को पाने के लिए मेरे अंदर कार्य करने के लिए धन्यवाद। मैं अपने परिवार, बच्चों, मित्रों और रिश्तेदारों को जिन्होंने उद्धार नहीं पाया है आपके अनुग्रह के सिंहासन के सामने लाती हूं। आप ने जो अधिकार मुझे दिया है उससे मैं उन्हें अंधकार के राज्य से ज्योति के राज्य में बदलती हूं। मैं यीशु के लहू से उनके जीवनों से सभी दुष्टात्मा के कार्यों को अलग करती हूं। उनकी आंखें, कान और उनके हृदय यीशु को पाने के लिए खुले रहें। आपका सामर्थ अब भी कार्य करने के लिए आपको धन्यवाद। यीशु के नाम में,

मैं प्रार्थना करती हूं,

आमीन!

044 - 45 999 000 / 044 - 33 999 000