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Paul Dhinakaran

उत्तम प्रतिफल!

Dr. Paul Dhinakaran
14 Aug
आप हियाव बांधें और आपके हाथ अपने काम करने में निर्बल न हो क्योंकि आपको आदर मिलनेवाला है। जैसे ही आप अपने काम को परमेश्वर की ओर से उसे करने के लिए वे अनुमति देते हैं तो वह आपके जीवन के हर क्षेत्र में पहलू में जीत होगी, ‘‘धन्य है वह उस वृक्ष के समान है, जो बहती नालियों के किनारे लगाया गया है। और अपनी ऋतु में फलता है, और जिसके पत्ते कभी नहीं मुरझाते। इसलिए जो कुछ वह पुरूष करे वह सफल होता है।’’(भजन संहिता 1:3)यहां पर एक व्यक्ति की गवाही है जो कहता है कि उसके उन्नति के मार्ग में कैसे परमेश्वर ने उसके काम में मदद की।

"मेरा नाम डिली बाबू है। मैं भारत के पोंडीचेरी में रहता हूं। मेरा पिता एक व्यापार करता था जिसको उन्होंने अच्छी तरह से निमंत्रित किया। जब हमारे पिता जी का देहांत हो गया तब हमारे परिवार पर अंधेरा छा गया। इससे मुझे बहुत धक्का लगा क्योंकि मैं व्यापार के बारे में कुछ भी नहीं जानता था। सारी जिम्मेदारियां मुझ अनुभव रहित पर पडी और मैं निराश हो गया। व्यापार में बहुत कर्ज था उन्हें चुकाना था। मैं कर्जदारों को कर्ज चुकाना नहीं जानता था। निराशाजनक समय पर, यीशु बुलाता है प्रार्थना भवन मुझे एक प्रकाश के स्तम्भ के समान प्रगट हुआ जहां पर मैं प्रार्थना के लिए गया। प्रार्थना योद्धाओं ने मुझे ‘व्यापार आशीष योजना’ का परिचय दिया। उन्होंने मेरे लिए प्रार्थना की और मुझे उन सभाओं के बारे में सूचित किया जो व्यापारियों के लिए खासतौर से आयोजित की जाती थी। मैं ने अपने उस व्यापार को विश्वास के साथ पंजीकृत करा दिया। उसके बाद मैं ने खुद अपने जीवन में परिवर्तन देखा। मैं ने सर्वशक्तिमान परमेश्वर से व्यापार चलाने की बुद्धि पाई। अब मेरे व्यापार में उन्नति हो रही है। मैं और मेरा परिवार ‘व्यापार आशीष योजना’ के द्वारा परमेश्वर की आशीषों का आनन्द उठा रहे हैं, इसलिए मैं परमेश्वर को धन्यवाद देता हूं।''
प्रियजन, जैसे ही आप अपने मार्गों को परमेश्वर के हाथों में सौपेंगे, तब ‘‘तू अपने कामों का प्रतिफल पाएगा,’’ प्रभु कहता है। (यिर्मयाह 31:16) चाहे आप मालिक हो या कर्मचारी बुद्धि के लिए परमेश्वर पर निर्भर रहें। आप निश्चय एक बडी उन्नति देखेंगे। परमेश्वर ने प्रतिज्ञा की है कि वह थके हुओं को बल और शक्तिहीन को अपना सामर्थ देगा। (यशायाह 40:29) आशा मत खोएं। जैसे प्रभु ने रूत को अपने वचनों के अनुसार आशीष दी ‘‘यहोवा तेरी करनी का फल दे, और इस्राएल का परमेश्वर यहोवा जिसके पंखों तले तू शरण लेने आई है तुझे पूरा बदला दे।’’(रूत 2:12) उसी प्रकार आप जब उसके शरण आएंगे तो वह आपको भी उसका प्रतिफल और सम्मान देगा। आपकी आशा न टूटेगी (नीतिवचन 23:18)आप एक बडी उन्नति को देखेंगे। 
Prayer:
प्रेमी प्रभु, मैं अपने असहाय परिस्थिति को आपके प्रेमी हाथों में सौंपता हूं। मैं नहीं जानता कि मैं क्या करूं। इस परिस्थिति को नियंत्रित करने के लिए मैं आपकी बुद्धि चाहता हूं। मैं निराश हो रहा हूं और मेरे टुकडे टुकडे हो रहे हैं। कृपया मुझे बल दें कि मैं इस असफलता का सामना करूं। आपकी महिमा के लिए मुझे सफल करें। यीशु के नाम में मैं प्रार्थना करता हूं, आमीन! 

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